कर्ज में डूबे वीडियोकॉन ग्रुप के अधिग्रहण के लिए वेदांता ग्रुप की सहयोगी कंपनी द्वारा लगाई गई बोली को करदाताओं ने नेशनल कंपनी ला अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) मैं चुनौती दी है। सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सहित 13 करदाताओं ने न्यायाधिकरण से नई बोलियां मंगाने की गुहार लगाई है।

Videocon loan scam 2021

दरअसल, अरबपति अनिल अग्रवाल की ट्विन स्टार टेक्नोलॉजीज ने वीडियोकॉन के अधिग्रहण के लिए महज 2965 करोड़ रुपए की पेशकश की थी, जबकि कंपनी पर करदाताओं के 64,838.63 करोड रुपए के बकाया है।

2021 loan scam of Videocon

ऐसे में अगर वह वेदांता ग्रुप की बोली स्वीकार कर लेते हैं तो उन्हें अपने कर्ज का सिर्फ 4 फीसद वापस मिलता, जो उनके लिए बड़े घाटे का सौदा था।

एनक्लैट की पीठ ने मामले पर अगली सुनवाई के लिए 27 सितंबर की तारीख दी है। 9 जून को एनसीएलटी (NCLT) की मुंबई पीठ ने ट्विन स्टार टेक्नोलॉजी द्वारा 2,962 करोड़ रुपए में वीडियोकॉन ग्रुप के अधिग्रहण को मंजूरी दी थी।

हालांकि इस फैसले को असंतुष्ट कर्ज दाताओं ने एन्कलैट में चुनौती दी थी, जिसने सौदे पर रोक लगा दिया।