पूर्वी उत्तर प्रदेश में दादी नानी अपनी नातिन या पोती को प्यार से सोन चिरैया कह कर पुकारती है । लेकिन इसकी संख्या अब नाम मात्र रह गई है पर खुशी की बात यह है कि इस खूबसूरत चिड़ियों को युद्ध होने से बचाने का प्रयास शुरू हो गया है,

Indian bird sanrakhshan

प्राड़ी व प्रकृति के संरक्षण के लिए काम करने वाली वैश्विक संस्थाएं भी सोन चिरैया को बचाने के लिए आगे आई है इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर की वर्ल्ड कंजर्वेशन कांग्रेस ने इसके संरक्षण के लिए प्रस्ताव पारित किया है।

The Great Indian Bustard

सोन चिरैया को अंग्रेजी में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड सितंबर महीने में वैश्विक संस्था आईयूसीएन ने फ्रांस के मार्सीले मे आयोजित ऑनलाइन बैठक में भारत की द कार्बेट फाउंडेशन की ओर से पेश किए गए सोन चिरैया के संरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।