वैश्विक महामारी कोरोना से छत्तीसगढ़ सहित देश भर में स्टील उत्पादन 30 फीसद प्रभावित हुआ है। बाजार में मांग काफी सुस्त है, जिससे कीमतों पर गिरावट आई है।

लोहा कारोबारियों की माने तो इस तेजी मंदी का कारण गोविंदगढ़, गाजियाबाद मंडियों में संचालित होने वाले फटकाबाजी है। इस फटका बाजी के कारण ही सरिया की कीमतों में कभी तेजी तो कभी मंदी आती है।

Iron rod

पखवाड़े भर पहले 57500 रुपए प्रति टन तक पहुंच चुके सरिया की कीमतों में अभी गिरावट आई है और यह ₹56000 रुपए प्रति टन तक पहुंच गया है।

बाजार में मांग सुस्त होने से इसकी कीमतों में गिरावट आई है वहीं ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के चलते सीमेंट की कीमतों में फिर से तेजी शुरू हो गई है और सीमेंट ₹280 से ₹285 रुपए प्रति बैग पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ में सीमेंट की कई कंपनियां है बावजूद सरकार का कीमतों पर नियंत्रण नहीं है।

हड़ताल का असर सीमेंट की कीमतों पर

Cement price

माल भाड़े में बढ़ोतरी को लेकर ट्रांसपोर्टरों द्वारा किए जा रहे हड़ताल का असर अब सीमेंट की कीमतों पर भी पड़ने लगा है जून जुलाई माह में ₹290 प्रति बैग तक पहुंच चुका सीमेंट अगस्त में 256 से 270 रुपए प्रति बैग पर आ गया है।

लेकिन अब हड़ताल के चलते बाजार में फिर से सीमेंट के अघोषित शॉर्टेज की स्थिति पैदा हो गई है। सीमेंट के स्टाफ में कमी का असर कीमतों पर पड़ रहा है। सीमेंट अभी 285 रुपए प्रति बैंक पहुंच गया है।