देश के कार्बन मुक्त इंधन की तरफ बढ़ने के साथ बिजनेसमैन मुकेश अम्बानी और गौतम अडानी की कंपनियों से लेकर सरकार के स्वामित्व वाली पेट्रोलियम यूनिट इंडियन आयल तथा विधुत उत्पादक एनटीपीसी जैसी भारतीय कंपनियों ने हाइड्रोजन को फ्यूल के रूप में अपनाने की महत्त्वपूर्ण योजनाओं की घोषडा की है।

Next generation fuel

हाइड्रोजन दुनिया की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए चर्चा के केंद्र में है, ऊर्जा का सबसे स्वच्छ रूप होने के कारण इसे प्राकृतक गैंस और बायोगैस और नवीकरण श्रोत और सौर एवं पवन ऊर्जा जैसे विभिन्न संसाधनों से उत्पादित किया जा सकता है।

इसका उपयोग कारों, घरों, पोर्टेबल बिजली और कई अन्य चीज़ों में किया जा सकता है, परिवहन क्षेत्र के आलवा, केमिकल, आयरन, और स्टील, हीटिंग बिजली में इस्तेमाल किया जा सकता है।

एनटीपीसी का लेह में स्टेशन

देश की सबसे बड़ी विधुत उत्पादक कंपनी, एनटीपीसी ने भी लद्दाक के लेह में देश का पहला ग्रीन हाइड्रोजन स्टेशन स्थापित करने की घोषणा की है, कंपनी सिटी गैस वितरण नेटवर्क में इस्तेमाल के लिए हाइड्रोजन की मिश्रण की एक पायलट परियोज शुरु की।

जीरो कार्बन बनेगीं रिलायन्स इंडस्ट्रीज

Hydrogen fuel interest

रिलायन्स के अघ्यक्ष अम्बानी ने हाल ही में 2035 तक शुद्ध कार्बन शून्य कंपनी बनाने के अपने लक्ष्य के तहत हाइड्रोजन से जुडी योजनो की घोषड़ा की।

अडानी की इटली से साझेदारी

मार्च में अडानी समूह ने भी हाइड्रोजन परियोजन के लिए इटली के मयेर टेक्निमोंट के साथ साझेदारी की घोषणा की।