अकाउंट एग्रीगेटर (AA) की शुरुआत से छोटे कारोबारियों व आम ग्राहकों को लोन लेने में कई फायदे मिलेंगे। पिछले सप्ताह देश के 8 प्रमुख बैंक एए नेटवर्क से जुड़ गए हैं।

आप छोटे कारोबारी या खुदरा ग्राहक किसी लोन के लिए आवेदन करते हैं तो कम ब्याज दर पर लोन लेने और नए ग्राहक बनाने को बैंकों में ही स्वस्थ स्पर्धा का बाजार मजबूत होगा।

Cheap interest on loan

हालांकि एए पर किसी ग्राहक की सिर्फ वही वित्तीय जानकारी दिखेगी, जिसके लिए ग्राहक अपनी मंजूरी देगा। हाल ही में एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडसइंड और फेडरल बैंक एए नेटवर्क से जुड़ गए हैं।

वर्ष 2016 से एए नेटवर्क को औपचारिक रूप से चालू करने की भारतीय रिजर्व बैंक की कवायद चल रही थी।
अकाउंट एग्रीगेटर का लाइसेंस आरबीआई देता है। अभी 7 गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों यानी एनबीएफसी को आरबीआई ने एए का लाइसेंस दिया है।

यह कंपनियां एक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करेंगी जिससे ग्राहक भी जुड़े होंगे और लोन देने वाले बैंक भी। इस प्लेटफार्म पर ग्राहकों से जुड़े 19 प्रकार की वित्तीय जानकारी का ब्योरा होगा। लेकिन जो जानकारी ग्राहक देना चाहेंगे, सिर्फ वही बैंकों से सांझा की जाएगी। इनमें आयकर रिटर्न, जीएसटी रिटर्न, निवेश, बैंकों के खाते, इंश्योरेंस पेंशन फंड, मकान या ऑटो लोन जैसी जानकारीयां शामिल होगी।

जब ग्राहक अपनी मंजूरी देगा तब एए संबंधित एजेंसी से ये जानकारियां जुटाएगा। हालांकि एए उस डाटा को स्टोर नहीं कर सकेगा और उसकी बिक्री नहीं कर सकेगा।

एमएसएमई मंत्रालय के अधिकारी ने बताया एए से छोटे उद्यमियों के लोन में पारदर्शिता आ जाएगी। बैंकों के चक्कर लगाने में कारोबारियों के समय बर्बाद नहीं होंगे और बिना वजह बैंक एमएसएमई के लोन आवेदन को खारिज नहीं कर पाएंगे दूसरी तरफ बैंक की ट्रांजैक्शन लागत कम हो जाएंगे, एए की मदद से हाथों हाथ छोटे लोन की मंजूरी दे सकेंगे।

एए की मदद से लोन के लिए आवेदन करने पर उस आवेदन की जानकारी कई बैंक को होगी और बैंक आवेदन के वित्तीय स्कोर को देखते हुए अलग-अलग तरीके से ब्याज दर की पेशकश कर सकते हैं।